एचएस फुल्का के विवादित बोल- हो सकता है अमृतसर में हमला सेनाध्यक्ष ने कराया हो!     |       मराठा आरक्षण को महाराष्ट्र सरकार ने दी मंज़ूरी, कितना आरक्षण मिलेगा ये तय नहीं     |       राजस्थान / भाजपा ने 24 प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी की, 200 में से 194 सीटों पर उम्मीदवार तय     |       विवादों के बीच आरबीआई की बैठक आज, सरकार से बन सकती है सहमति     |       ...अब बंबई, कलकत्ता और मद्रास हाई कोर्ट के नाम बदलने के लिए लाया जाएगा नया विधेयक     |       पुलवामा में सीआरपीएफ शिविर पर आतंकी हमला, जवान शहीद     |       गांधी परिवार को घेरने के चक्कर में PM मोदी से हुई गलती, सीताराम केसरी को बताया दलित     |       क्या सीबीआइ पर बैन लगा पायेंगी राज्य सरकारें     |       अमेरिका ने चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रॉजेक्ट को बताया 'वन वे रोड', देशों को चेताया     |       युद्ध जीतने के लिए आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को मिलकर करनी होगी प्लानिंग: बीएस धनोआ     |       कश्मीर / फेसबुक के जरिए युवाओं को आतंकवाद के लिए उकसाने के आरोप में महिला गिरफ्तार     |       सॉल्वर गैंग के चार सदस्यों की तलाश में जुटी एसटीएफ     |       महिला से दुष्कर्म, एक पर केस दर्ज     |       यमुना में गिरी बस, 14 की मौत, 14 घायल     |       खट्टर के रेप वाले बयान पर केजरीवाल ने साधा निशाना, उठाए सवाल     |       PM मोदी आज करेंगे केएमपी का उद्घाटन, UP-हरियाणा व राजस्थान को होगा फायदा     |       प.बंगाल BJP अध्यक्ष की कार पर हमला, तृणमूल समर्थकों को बताया जिम्मेदार     |       सोलिह ने मालदीव के राष्ट्रपति पद की ली शपथ, PM मोदी ने दी बधाई     |       PICS: गृह प्रवेश से पहले चहकती दिखीं दीपिका, वायरल हुई रणवीर सिंह की मेहंदी की तस्वीर     |       Video- मोदी व्यक्तिगत टिप्पणियों में उलझे और झूठे आरोप लगाए: कमलनाथ     |      

राजनीति


राम मंदिर की लड़ाई अब सोशल मीडिया के माध्यम से लड़ी जाएगी, बीजेपी ने पूरी तैयारी के साथ हिंदी पट्टी में अभियान शुरू कर दिया है!

हिंदी पट्टी में हिंदू-मुस्लिम एजेंडा को अब हवा मिलने लगी है। इसकी डोर दिल्ली की डिजिटल मीडिया टीम के पास होगी और यहां से प्रेषित संकेतों को राज्य की राजधानियों में बैठी सोशल मीडिया टीम पकड़ेगी और उसे प्रोसेस कर बूथ लेवल तक भेजा जाएगा


god-ram-temple-bjp-and-rss-will-fights-temple-agenda-through-social-media-hindi-patti

पिछले साढ़े चार वर्षों में न तो मोदी ने, ना ही शाह ने और ना ही भारत के भाग्य विधाता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अयोध्या में राम मंदिर का खटराग अलापा।

लेकिन 2019 के आम चुनावों से ऐन पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक महीने के अंदर कम से कम तीन बार राम मंदिर का राग अलापा है।

एक कदम आगे बढ़ कर यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर निर्माण की तैयारियों का उद्घोष कर दिया है, 6 दिसंबर तक साधु समाज ने भी मंदिर निर्माण का अल्टीमेटम दे दिया है।

अब केंद्रनीत मोदी सरकार की असल परेशानी यह है कि अयोध्या में जमीन अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए कोई अध्यादेश कैसे लाए।

सो, कहते हैं कि अंदरखाने से पार्टी में यह तय हुआ है कि राम मंदिर की लड़ाई अब सोशल मीडिया के माध्यम से लड़ी जाएगी।

यानी हिंदी पट्टी में हिंदू-मुस्लिम एजेंडा को अब हवा मिलने लगी है। इसकी डोर दिल्ली की डिजिटल मीडिया टीम के पास होगी और यहां से प्रेषित संकेतों को राज्य की राजधानियों में बैठी सोशल मीडिया टीम पकड़ेगी और उसे प्रोसेस कर बूथ लेवल तक भेजा जाएगा।

भगवा पार्टी की तैयारियां पुख्ता हैं, इरादे मजबूत हैं, बस खतरा भाई-चारा टूटने का है।
 

advertisement

  • संबंधित खबरें