पत्रकार छत्रपति हत्याकांड: आज होगा दोषी गुरमीत राम रहीम को सजा का ऐलान - नवभारत टाइम्स     |       80 साल की शीला दीक्षित के सामने ये हैं 8 चुनौतियां, पढ़िए- क्या है सबसे बड़ा चैलेंज - दैनिक जागरण     |       आम्रपाली ने 1 रुपये/ वर्ग फुट में बुक किए थे फ्लैट, ऑफिस बॉय के नाम बनी थीं कंपनियां - News18 Hindi     |       दिल्ली/ जेटली को कैंसर, दावा- अंतरिम बजट पेश नहीं कर सकेंगे; शाह को हुआ स्वाइन फ्लू - Dainik Bhaskar     |       Uttar Pradesh Mahagathbandhan takes final shape; RLD gets three seats as SP agrees to cede one: Sources - Times Now     |       Kumbh Mela 2019 Shahi Snan: Union Minister Smriti Irani takes a dip in Ganges - Times Now     |       कर्नाटक: ऑपरेशन लोटस से कैसे लड़ेगी कांग्रेस-जेडीएस - BBC हिंदी     |       Kotler Award For PM Sparks Row - NDTV     |       ब्रेग्जिट : 24 घंटे के अंदर टेरीजा ने जीता विश्वास प्रस्ताव, 325 सांसदों का मिला समर्थन- Amarujala - अमर उजाला     |       केन्या के होटल पर आतंकी हमला, 14 की मौत, 20 घंटे तक चले अभियान में सभी आतंकी ढेर - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       चर्चित चेहरा: इंदिरा नूई हो सकती हैं वर्ल्ड बैंक चीफ पद की दावेदार, जानें उनके बारे में - Hindustan हिंदी     |       पहली बार चांद पर पौधे उगाने में मिली सफलता, चीन ने रोपा कपास - आज तक     |       Petrol Price: छह दिन की बढ़त पर लगा ब्रेक, सस्‍ता हुआ पेट्रोल - आज तक     |       299 रुपये में 1.5GB डेटा हर रोज, BSNL लाया नया प्लान - Navbharat Times     |       मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप-100 थिंकर्स में शामिल, जेफ बेजोस के साथ बनाई जगह - News18 Hindi     |       बाजार शानदार तेजी लेकर बंद, निफ्टी 10880 के पार टिका - मनी कॉंट्रोल     |       रणवीर सिंह ने कहा कि बदल सकते हैं अपना सरनेम - नवभारत टाइम्स     |       26 जनवरी को आएगा सलमान खान की फिल्म भारत का टीजर? - आज तक     |       कंगना रनौत और आलिया भट्ट एयरपोर्ट पर कुछ इस अंदाज़ में आईं नज़र - NDTV Khabar     |       #MeToo: राजकुमार हिरानी पर यौन शोषण का आरोप, इन 2 बड़े एक्‍टर्स ने दिया बड़ा बयान - प्रभात खबर     |       India vs Australia 2nd ODI: Virat Kohli, MS Dhoni shine as visitors level three-match series 1-1 - Times Now     |       जेसन गिलेस्‍पी ने भारत को बताया वर्ल्‍डकप-2019 का खिताबी दावेदार, बुमराह की तारीफ में कही यह बात - NDTV India     |       Shaky 'Demon' stutters into dream Rafael Nadal showdown - Times Now     |       Australian Open tennis news: Serena Williams round one match, US Open controversy - Wide World of Sports     |      

जीवनशैली


गरीब महिलाओं को जबरन सरोगेसी के धंधे में धकेलने से रोकेगा नया कानून, चिकित्सकों ने किया स्वागत 

लोकसभा से पारित सरोगेसी (नियामक) विधेयक, 2016 का चिकित्सकों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि व्यावसायिक सरोगेसी एक धंधा बन गया है और कुछ गरीब महिलाओं को जबरन इस धंधे में धकेला जा रहा है


new-law-physicians-will-prevent-poor-women-from-pushing-for-forced-surrogacy-business

लोकसभा से पारित सरोगेसी (नियामक) विधेयक, 2016 का चिकित्सकों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि व्यावसायिक सरोगेसी एक धंधा बन गया है और कुछ गरीब महिलाओं को जबरन इस धंधे में धकेला जा रहा है।

इतना ही नहीं सरोगेसी (किराए की कोख) कुछ सेलेब्रिटीज के लिए एक शौक बन गई है और जो पहले ही संतान को जन्म दे चुके हैं वे भी सरोगेसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

फर्टिलिटी सॉल्यूशन मेडिकवर फर्टिलिटी की क्लिनिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया, "आमतौर पर गर्भधारण में परेशानी होने की वजह से दंपति सरोगेसी की मदद लेते हैं। इस प्रक्रिया में पुरुष के स्पर्म और स्त्री के एग को बाहर फर्टिलाइज करके सरोगेट मदर के गर्भ में रख दिया जाता है।

हालांकि सरोगेसी का मकसद जरूरतमंद नि:संतान जोड़ों को मदद करना था, मगर धीरे-धीरे कुछ लोगों ने इससे पूरी तरह से व्यावसायिक बना दिया है । उन्होंने कहा, "अब तो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दर्द से बचने के लिए इस आसान रास्ते का इस्तेमाल करने लगी हैं।" 

देश में सरोगेसी के बढ़ते कारोबार के सवाल पर डॉ. गुप्ता ने कहा, "पिछले कुछ सालों से भारत में सरोगेसी का कारोबार बहुत तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार हर साल विदेश से आए दंपति यहां 2,000 बच्चों को जन्म देते हैं और करीब 3,000 क्लीनिक इस काम में लगे हुए हैं।" 

वहीं पंचशील पार्क स्थित मैक्स मल्टी स्पेश्येलिटी सेंटर की निदेशक और हेड-आईवीएफ डॉ. सुरवीन सिंधु ने कहा, "सरोगेसी का चयन करने की प्रवृत्ति निश्चित रूप से बढ़ी है। बायोलॉजिकल बच्चे की इच्छा के आधार पर सरोगेसी में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। आमतौर पर दंपति दो से तीन बार बच्चे पैदा करने में विफल होने के बाद इस विकल्प को चुनते हैं।"

सरोगेसी की जरूरत किन लोगों को पड़ती है और इसमें कितना खर्च आता है, इस सवाल पर डॉ. गुप्ता ने कहा, "गर्भधारण में दिक्कत होने की वजह से जो लोग मां-बाप नहीं बन पाते, वे किराए की कोख से बच्चा पैदा करते हैं। भारत में इसका खर्च 10 से 25 लाख रुपए के बीच आता है, जबकि अमेरिका में इसका खर्च करीब 60 लाख रुपये तक आ सकता है।"

व्यावसायिक सरोगेसी के संदर्भ में डॉ. गुप्ता ने कहा, "व्यावसायिक सरोगेसी एक धंधा बन गया था और कुछ लोग गरीब महिलाओं को जबरन इस धंधे में धकेल रहे थे। विदेश से आने वाले लोगों के लिए जिन्हें बच्चे की चाह थी, उनकी इच्छापूर्ति के लिए गरीब महिलाओं की कोख का शोषण हो रहा था। जिस पर सरकार रोक लगाना चाह रही है।

सामान्य सरोगेसी में नि:संतान दंपति को यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि आजकल अपने शौक के लिए भी लोग इसका दुरुपयोग करने लगे हैं।" 

डॉ. श्वेता ने कहा कि सरकार ने जो कानून पारित किया है उसके अनुसार एक महिला एक ही बार सरोगेट मदर बन सकेगी। इसके लिए उसका विवाहित होना और पहले से एक स्वस्थ बच्चे की मां होना जरूरी है।

सरोगेसी करवाने वाले पुरुषों की उम्र 26 से 55 के बीच और महिला की उम्र 23 से 50 साल के बीच होनी चाहिए। शादी के पांच साल बाद ही इसकी इजाजत होगी और यह काम रजिस्टर्ड क्लीनिकों में ही होगा।"

वहीं, डॉ. सुरवीन का कहना है कि पहले भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक महिला के लिए अधिकतम तीन बार सरोगेट मदर बनने की सीमा निर्धारित की थी। हालांकि हालिया विधेयक ने इसे अब एक कर दिया है।

विधेयक प्रभावी नियमन को सुनिश्चित करेगा, व्यावसायिक सरोगेसी को प्रतिबंधित करेगा और बांझपन से जूझ रहे भारतीय दंपतियों की जरूरतों के लिए सरोगेसी की इजाजत देगा।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि सरोगेसी का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को होगा। यह सुविधा एनआरआई और ओसीआई होल्डर को नहीं मिलेगा । इसके अलावा सिंगल पैरेंट्स, समलैंगिक जोड़ों, लिव इन पार्टनरशिप में रहने वालों को सरोगेसी की इजाजत नहीं होगी।

advertisement

  • संबंधित खबरें