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जीवनशैली


धार्मिक व् ज्योतिषीय उपाय | पीपल के वृक्ष से जुड़े वे उपाय जो आपको मानसिक और शारीरिक लाभ पहुंचा सकते हैं

वृक्षों का संरक्षण मात्र पृथ्वी के लिए ही नहीं, वरन मनुष्य के स्वयं के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो सकता है


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सूर्य एक ऐसा ग्रह है जिसका महत्व न केवल धार्मिक, आध्यात्मिक, ज्योतिषीय, वास्तु बल्कि वैज्ञानिक स्तर पर भी काफी माना गया है। वहीं विज्ञान अनुसंधान के जरिये मानता है, सूर्य का पृथ्वी और ब्रह्माण्ड के जन्म के साथ ही कोई रिश्ता है।

सूर्य को कहीं पिता का दर्जा दिया गया, वहीं श्राद्ध पक्ष में जो पिंड पितृ को अर्पित किया जाता है, उसका सम्बन्ध भी सूर्य से ही माना जाता रहा है। व्यक्तिगत तौर पर कुंडली इत्यादि विविध विद्या के जरिये उनके प्रति मार्गदर्शन हासिल किया जाता है।

प्राकृतिक तौर पर देखे तो ग्लोबल वार्मिंग के कारण भू-तल पर काफी परिवर्तन देखे जा रहे हैं, उसका कारण है, औद्योगिक क्रान्ति जिसकी कीमत वृक्षों को काटकर चुकाई गयी।

धर्म हमेशा से विज्ञान और प्रकृति में समन्वय का कार्य करता आया है, परंतु औद्योगिक क्रांति ने जब धर्म को पीछे छोडा, साथ ही छूट गई प्रकृति की सुरक्षा, जिसका परिणाम जलवायु परिवर्तन के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। स्थिति बद से बदतर होती जाएगी, अगर पृथ्वीवासी वृक्षों के प्रति अपने कर्तव्यों को नहीं समझेंगे।

वृक्षों का संरक्षण मात्र पृथ्वी के लिए ही नहीं, वरन मनुष्य के स्वयं के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो सकता है। धार्मिक शास्त्रों की माने, तो वृक्षों के संरक्षण से मनुष्य को पुण्य प्राप्ति के साथ-साथ आर्थिक शारीरिक लाभ भी प्राप्त हो सकते हैं।

आज ऐसे ही एक वृक्ष के बारे में जानकारी देंगे जिसकी महानता की चर्चा लगभग हर शास्त्र करता है।

पीपल के वृक्ष को धरती पर साक्षात नारायण का स्वरूप माना गया है। वहीं कुछ शास्त्र अनुसार ब्रह्मा विष्णु व् महेश तीनों परम चेतना का इसमें वास माना गया है। प्राण वायु का सर्वाधिक हिसा प्रदान करने वाला अगर कोई वृक्ष है तो वो पीपल है।

धार्मिक व् ज्योतिषीय उपाय जो पीपल से सम्बंधित हैं, इस प्रकार हैं-

1 नियमित जलार्चन मानसिक शान्ति प्रदान करता है

2 कच्चे दूध मिश्रित पुष्प व् जल अर्पण करने से पितृ कृपा प्राप्त होती है ।

3 जलार्पण करने के पश्चात नीचे बैठकर श्री हरि मन्त्र जप करने से यश कीर्ति प्राप्त होती है 

4 कच्चा सूत गुरूवार बाँधने से गुरु ग्रह सन्तुष्ट होते हैं

5 नियमित दीप दान करने से लक्ष्मी प्राप्ति

6 शनिवार काले तिल मिश्रित जल अर्पण और सन्ध्या तेल दीपक करने से शनि दोष निवारण से लाभ की प्राप्ति

ये कुछ विधियां शास्त्रों में बताई गयी। मनस्वियों का उद्देश्य मात्र ये रहा है कि प्रकृति के साथ-साथ धार्मिक लाभ समस्त जनो को मिले। अपने धर्म को पहचाने, प्रकृति से नाता जोड़ें, प्रकृति का संरक्षण व् स्वयं के विकास को एक दृष्टि से देखने समझने का प्रयास करे। 

जटिल समस्याओं के निवारण का प्रयास सरल शास्त्रीय रीति एवं अपने कर्मो का अपने दायित्वों का व् बुजुर्गों के सलाह मशवरों के जरिये प्रयास करिये। कर्म के बल को पहचान निरन्तर सकारत्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहे यही सच्चा धर्म है ।

(उपरोक्त लेख मात्र वर्तमान स्थिति को समझने के लिए ज्योतिष संशोधन शोध का एक भाग है। इसके लेखक नवनीत ओझा ज्योतिष संशोधक एवं आध्यात्मिक साधक हैं। उपरोक्त व्यक्त किये गए विचार लेखक के अपने विचार हैं।)

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