कोलकाता/ भाजपा के खिलाफ ममता की महारैली आज, 12 विपक्षी पार्टियों के नेता कोलकाता पहुंचे - Dainik Bhaskar     |       भय्यू महाराज केस: ब्लैकमेलर युवती समेत दो सेवादार गिरफ्तार, अश्लील वीडियो बनाकर ऐंठे थे लाखों - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       अमेरिका/ 8 डॉलर का नाश्ता लेने के लिए लाइन में लगे बिल गेट्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो - Dainik Bhaskar     |       उत्तर प्रदेश में दो परीक्षाएं एक ही दिन, मायूस हुए अभ्यर्थी - आज तक     |       सवर्ण आरक्षण: निजी उच्च शिक्षा संस्थानों में 10% कोटे के लिए विधेयक लाएगी सरकार - Hindustan     |       Grahan 2019/ इस साल पड़ेंगे कुल 5 ग्रहण, 2 चंद्रग्रहण और 3 सूर्यग्रहण से बदलेगी दशा, जानें कब-कब होंगे ग्रहण? - Dainik Bhaskar     |       21 को साल का पहला चंद्र ग्रहण, इन राशियों पर होगा ज्यादा असर - dharma - आज तक     |       केरल सरकार का दावा- सबरीमाला में 51 महिलाओं ने किए दर्शन - नवभारत टाइम्स     |       Two Russian fighter jets collide over Sea of Japan - Times Now     |       ट्रंप-किम की दूसरी मुलाकात 'जल्द' होगी - BBC हिंदी     |       हादसा/ जापानी समुद्र के ऊपर अभ्यास के दौरान दो रूसी फाइटर जेट टकराए, पायलट सुरक्षित - Dainik Bhaskar     |       रिसर्च : यह तकनीक बता देगी कि कितने साल की जिंदगी है आपकी - NDTV India     |       उठा-पटक के बीच बाजार की सपाट क्लोजिंग - मनी कॉंट्रोल     |       शनिवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में हुई भारी बढ़ोतरी, फटाफट जानिए नए रेट्स - News18 Hindi     |       Market Today Fatafat ET Now: Sensex, Nifty end flat, RIL shares log 4%-gain; top 10 stocks in news - Times Now     |       तस्वीरों में देखें Toyota Camry Hybrid 2019 कार, भारत में हुई लॉन्च- Amarujala - अमर उजाला     |       'मणिकर्णिका' की स्पेशल स्क्रीनिंग, राष्ट्रपति कोविंद और लालकृष्ण आडवाणी ने देखी फिल्म - नवभारत टाइम्स     |       विवाद/ बोनी कपूर का एलान जब तक बंद नहीं हो जाती फिल्म श्रीदेवी बंगलो, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे - Dainik Bhaskar     |       भाबी जी घर पर हैं की अनीता भाभी के घर आया नया मेहमान, गोरी मेम बनीं मां - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       URI Box Office Collection Day 8: विक्की कौशल की 'उरी' ने 'बधाई हो' को छोड़ा पीछे, कमाई में बना डाला ये रिकॉर्ड - NDTV India     |       MS Dhoni on cusp of achieving new milestone in 3rd ODI against Australia at MCG - Times Now     |       Malaysia Masters: Saina Nehwal beats Nozomi Okuhara in quarters, to take on Carolina Marin in semi-finals - Times Now     |       ऑस्ट्रेलिया में चली चहल की फिरकी, शास्त्री-मुश्ताक के रिकॉर्ड टूटे - Sports - आज तक     |       Paul Pogba praises Ole Gunnar Solskjaer for revitalising Manchester United's attack - Times Now     |      

राष्ट्रीय


न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति मामला | सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने को लेकर पूर्व जजों की है अलग-अलग राय

अमेरिका में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ताउम्र सेवा में होते हैं, जबकि ब्रिटेन में सेवानिवृत्ति की उम्र 70 साल है। कुछ अन्य देशों में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र 70 या 75 साल है


retirement-matter-of-judges-judges-have-different-opinions-about-raising-retirement-age

ऊंची अदालतों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 70 साल करने के मसले पर सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों की राय भिन्न हैं।

इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले न्यायाधीशों का कहना है कि 65 साल इष्टतम उम्र सीमा है, क्योंकि इस उम्र में भी न्यायालय के कार्यभार का भारी बोझ वहन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाना सही नहीं होगा।

न्यायमूर्ति केटी थॉमस और न्यायमूर्ति केएस पाणिकर राधाकृष्णन ने सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के सुझाव को खारिज कर दिया, जबकि न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी ने इसका पक्ष लिया है।

हाल के दिनों में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने ऊंची अदालतों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का मसला कई बार उठाया है। उन्होंने न्यायाधीशों का वेतन भी तीन गुना बढ़ाने की बात कही है। हालांकि यह नरेंद्र मोदी सरकार का रुख नहीं है। 

सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का समर्थन करने वालों ने जीवन-प्रत्याशा को इसका आधार बताया है। इसकी तुलना अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों की परंपरा से की है।

अमेरिका में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ताउम्र सेवा में होते हैं, जबकि ब्रिटेन में सेवानिवृत्ति की उम्र 70 साल है। कुछ अन्य देशों में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र 70 या 75 साल है। 

सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के सुझाव को उचित बताते हुए वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि 65 साल के बाद भी काम करने की शारीरिक और मानसिक शक्ति काफी होती है। पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और वरिष्ठ वकील केवी विश्वनाथन ने भी इस विचार का समर्थन किया है।

विश्वनाथन ने कहा कि न्यायाधीशों के 65 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने का कोई तर्कसंगत औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, "न्यायाधीश उम्र के पांचवें दशक के अंत में या छठे दशक के आरंभ में परिपक्व बनते हैं।"

अपनी बात की पुष्टि के लिए विश्वनाथन ने न्यायमूर्ति एंथनी मैकलियोड केनेडी का उदाहरण दिया, जिन्होंने 82 साल की उम्र में 2018 में अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में अपनी लेखनी को विराम दी थी। न्यायमूर्ति केनेडी के उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति ब्रेट कैवनॉग बने हैं।

रोहतगी, वैद्यनाथन और विश्वनाथन ने न सिर्फ सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की तरफदारी की, बल्कि उन्होंने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र एक समान करने की बात कही, जिसपर न्यायमूर्ति रेड्डी ने असहमति जाहिर की। न्यायमूर्ति थॉमस ने सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा में समानता का समर्थन किया, जबकि न्यायमूर्ति रेड्डी का मानना है कि अंतर रहना चाहिए।

न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाई जा सकती है, लेकिन सेवानिवृत्ति की उम्र से पूर्व पद छोड़ने का विकल्प होना चाहिए, जो परंपरा जिंबाब्वे में प्रचलित है।

न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने भारत में न्यायाधीशों पर कार्य के बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में सर्वोच्च न्यायालय के पास हर साल 100 से 130 मामले होते हैं। इतने ही मामले इंग्लैंड और अंतर्राष्ट्रीय अदालत में भी होते हैं। लेकिन भारत के सर्वोच्च न्यायालय को हर साल 65,000 मामलों का सामना करना पड़ता है। 
 

advertisement

  • संबंधित खबरें