लोकसभा चुनाव 2019: संजय निरूपम को मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया, देवड़ा को कमान - Hindustan     |       तंज/ जेटली ने राहुल के वादे को झूठा बताया, कहा- कांग्रेस गरीब को नारा देती है, साधन नहीं - Dainik Bhaskar     |       Lok Sabha Election 2019: बीजेपी ने जारी की नौवीं सूची, यूपी की हाथरस समेत इन सीटों पर उतारे उम्मीदवार - NDTV India     |       JNU में लेफ्ट विंग के छात्रों का हंगामा, VC बोले- मेरी पत्नी को बनाया बंधक - आज तक     |       मोदी की रैली के लिए किसानों ने पकने से पहले काट दी फसल - नवभारत टाइम्स     |       गिरिराज सिंह की नाराजगी, कहा- मेरी ही सीट क्यों बदली गई, प्रदेश अध्यक्ष जवाब दें - Hindustan     |       राहुल गांधी ने न्याय के लिए दिए दो नारे, प्रियंका ने भी दिया साथ - आज तक     |       महात्मा गांधी इतना पैदल चले थे कि पृथ्वी के दो बार चक्कर पूरे हो जाते - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       नेकां नेता अकबर लोन के बिगड़े बोल- पाकिस्तान को एक गाली देने वाले को मैं 10 गालियां दूंगा - Webdunia Hindi     |       करतारपुर के बाद अब हिंदुओं को ये 'तोहफा' देगा पाकिस्तान - आज तक     |       लाल बहादुर शास्त्री को किसने मारा? द ताशकंद फाइल्स का ट्रेलर आउट - आज तक     |       एक ही फ्लाइट में मां-बेटी पायलट, भरी उड़ान, फोटो हुई वायरल - आज तक     |       ग्लोबल मंदी का डर हावी, भारी गिरावट के साथ बंद हुए बाजार - मनी कॉंट्रोल     |       सोना खरीदना हुआ महंगा, स्थानीय ज्वैलर्स की मांग से उछले दाम - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       भारतीय दानवीर के मुरीद हुए बिल गेट्स, तारीफ में कही ये बातें - आज तक     |       Jio फिर लेकर आया यह शानदार ऑफर, रोज मिलेगा 2जीबी डेटा बिल्कुल मुफ्त - Zee Business हिंदी     |       फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' के खिलाफ चुनाव आयोग में कांग्रेस ने की शिकायत - News18 Hindi     |       श्रीदेवी को फिल्मफेयर अवॉर्ड में किया गया ट्रिब्यूट, बेटियों के साथ इमोशनल हुए बोनी कपूर- Amarujala - अमर उजाला     |       केसरी को IPL से नुकसान? बॉक्स ऑफिस पर बनाए ये दो बड़े रिकॉर्ड - आज तक     |       एसिड अटैक का दर्द झेल चुकीं कंगना की बहन रंगोली ने दीपिका का पोस्टर देख लिखी ये बात - Hindustan     |       IPL 2019 : गेंदबाजों ने पंजाब को दिलाई विजयी शुरुआत - Navbharat Times     |       IPL 2019: मुंबई इंडियंस की हार के बाद ड्रेसिंग रूम में युवी हुए सम्मानित- video - Hindustan     |       I will be the first one to hang my boots when time comes: Yuvraj Singh - NDTV India     |       गौतम गंभीर के बाद भाजपा को पैरालिम्पियन दीपा का साथ, इनेलो विधायक ने भी थामा पार्टी का दामन - Patrika News     |      

जीवनशैली


धारा 377, समलैंगिकता | स्कूली बच्चों को पढ़ाया जाए, तीसरा जेंडर भी है!

समलैंगिकों को समाज में तीसरे जेंडर के रूप में कानूनी मान्यता भले मिल गई हो, लेकिन समाज में स्वीकार्यता अभी तक नहीं मिली है। 


school-children-should-be-told-about-third-gender

समलैंगिकता को अपराध माना जाए या नहीं, इस मसले पर हमारा समाज दो हिस्सों में बंटा है। समलैंगिकों को समाज में तीसरे जेंडर के रूप में कानूनी मान्यता भले मिल गई हो, लेकिन समाज में स्वीकार्यता अभी तक नहीं मिली है। 

समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने के लिए 'नाज फाउंडेशन' के साथ मिलकर एनजीओ 'हमसफर ट्रस्ट' ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर फैसला अभी सुरक्षित रख लिया गया है। एनजीओ का कहना है कि यदि न्यायालय से न्याय नहीं मिलता है तो इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के और विकल्प तलाशे जाएंगे।

'हमसफर ट्रस्ट' के प्रोग्राम मैनेजर यशविंदर सिंह का कहना है, "दरअसल धारा 377 उन कानूनों में से एक है, जिसे ब्रिटिश सरकार ने तैयार किया था। मुझे लगता है कि धारा 377 को समाज सही तरीके से समझ नहीं पाया। यह धारा सिर्फ एलजीबीटी समुदाय से जुड़ी है, यह सच नहीं है। इस दिशा में जागरूकता फैलाने की जरूरत है कि किस तरह ऐसे सख्त कानूनों से मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। संविधान की धारा 14,15,19 और 21 में मौलिक अधिकारों का हवाला दिया गया है, जिसका धारा 377 के तहत हनन हो रहा है।" 

यशविंदर ने बताया, "इस तरह के कानूनों से निपटने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। नेता वोट बैंक के चक्कर में इस समुदाय को नजरअंदाज कर रहे हैं। यदि हम सिर्फ समलैंगिकों की आबादी का ही अनुमान लगाएं तो सुप्रीम कोर्ट की सुनवाइयों के अनुरूप यह लगभग पांच फीसदी है। इस तरह से 120 करोड़ भारतीयों में इस पांच फीसदी आबादी के बहुत मायने हैं।

समलैंगिकों को लेकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के हिंदुत्व वाले बयान के बारे में पूछने पर यशविंदर कहते हैं, "समलैंगिकता को लेकर कुछ लोगों के निजी विचार हो सकते हैं, लेकिन मैं उनसे आग्रह करता हूं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन, आईएमए और अन्य संबद्ध संस्थाओं द्वारा उल्लिखित दिशानिर्देशों का पालन करें। समलैंगिकता प्रकृतिजन्य है और जो चीज हमें प्रकृति से मिली है, वह अप्राकृतिक कैसे हो सकती है?"

उन्होंने कहा, "भारत ऐसी भूमि रही है, जिसकी सभ्यता ने हमेशा कामुकता और विभिन्नता का जश्न मनाया है। मौजूदा सरकार जरूर इन पुराने पड़ चुके कानूनों की समीक्षा कर रही है, लेकिन मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि 377 जैसी धाराओं को तुरंत हटाया जाए।"

एलजीबीटी समुदाय को समाज में सम्मान मिलने के सवाल के बारे में पूछने पर वह कहते हैं, "मैं मानता हूं कि कानूनी रूप से मान्यता देना पहला कदम है। हालांकि मैं सहमत हूं कि सामाजिक बदलाव आने में बहुत लंबा समय लगेगा। देश में महिलाओं और पुरुषों को कागजों पर बराबर अधिकार दिए गए हैं, लेकिन हकीकत में महिलाओं को आज भी पुरुषों के बराबर समान हक नहीं मिले हैं, तब तो समलैंगिकों के अधिकारों के लिए अभी लंबा रास्त तय करना पड़ेगा। इन्हें समाज की मुख्यधारा में लाए जाने की जरूरत है। इनके लिए शिक्षा एवं रोजगार की व्यवस्था करनी होगी, अन्यथा या तो ये बधाई देने वाली टोली में दिखाई देंगी या भीख और वेश्यावृत्ति के चंगुल में फंसे रहेंगे।"

यशविंदर कहते हैं, "एलजीबीटी के प्रति जागरूकता फैलाने का पहला कदम है कि स्कूली बच्चों को इनके बारे में जानकारी दी जाए। स्कूल के पाठ्यक्रमों के जरिए यह काम किया जाना चाहिए कि सिर्फ दो जेंडर नहीं है, तीसरा जेंडर भी है। दूसरा कदम यह होगा कि इस तरह के कानून लाए जाने की जरूरत है, जिससे इन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके। इनके लिए रोजगार की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। 
 

advertisement