समझौता ब्लास्ट में सभी आरोपी बरी होने पर भड़का पाकिस्तान, भारत ने दिया जवाब - आज तक     |       BSP chief Mayawati not to contest Lok Sabha elections - Times Now     |       भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में 11 राज्यों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय - Webdunia Hindi     |       लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा के प्रत्याशी घोषित नहीं, नामांकन की तारीखें तय - Amarujala - अमर उजाला     |       मनोहर पर्रिकर की तस्वीर बगल में रख गोवा के नए सीएम डॉ. प्रमोद सावंत ने संभाला कामकाज - नवभारत टाइम्स     |       भारत को 59 साल लगे पहला लोकपाल बनाने में, दुनिया में 210 साल पुराना है यह कानून - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       3 दिन, 13 अंदाज: बोट यात्रा से छाईं प्रियंका गांधी, Photos - Lok Sabha Election 2019 - आज तक     |       चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया के लिए 'कोड ऑफ एथिक्स' लागू किया - NDTV India     |       जिम्बाब्वे में चली ऐसी हवा झटके में 300 लोगों को मौत की नींद सुला गई - Zee News Hindi     |       गूगल पर 11,760 करोड़ रुपये का जुर्माना - BBC हिंदी     |       बॉस के साथ संबंध बनाने में बिजी थी महिला पुलिस अफसर, कार में मर गई 3 साल की बेटी.. - पंजाब केसरी     |       Masood Azhar:जैश-ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर फ्रांस के बाद अब जर्मनी भी लगाएगा प्रतिबंध! - Times Now Hindi     |       Hyundai Motor, Kia Motors to invest $300 million in Ola - Times Now     |       होली के सदाबहार गाने जिनके बिना अधूरा है रंगों का त्योहार - आज तक     |       लगातार सातवें दिन तेजी, निफ्टी 11500 के पार बंद - मनी कॉंट्रोल     |       एनालिसिस/ 2.47 लाख करोड़ रु के दान के बाद भी गेट्स की नेटवर्थ 130 देशों की जीडीपी से ज्यादा - Dainik Bhaskar     |       Father is doing well: Ranbir on Rishi Kapoor's health - Deccan Herald     |       केसरी: अक्षय कुमार की जुबानी, फिल्म रिलीज से पहले जान लें क्लाइमैक्स - आज तक     |       हाथों में हाथ थामे अवॉर्ड शो से न‍िकले रणबीर कपूर-आल‍िया भट्ट - आज तक     |       'पब्लिक डिमांड' पर अब इस दिन रिलीज होगी पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक - News18 Hindi     |       IPL-12: चौथी बार ट्रोफी जीतने उतरेगी मुंबई इंडियंस, संतुलन है टीम की ताकत - Navbharat Times     |       कोलकाता/ मैच में बल्लेबाजी करते हुए गिरा खिलाड़ी, हुई मौत - Dainik Bhaskar     |       IPL 2019: विराट कोहली की कप्तानी पर गौतम गंभीर ने उठाए सवाल, कही ये बड़ी बात - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)     |       मोहम्मद शमी को को आईपीएल के बीच में दिया जाएगा आराम: माइक हेसन - Wahcricket     |      

ब्लॉग


भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक की राय!

पुलवामा के बाद जैसा कि मेरा आग्रह रहा, आतंकवाद के गढ़ पर सीधा हमला हो, वह हुआ लेकिन 350 आतंकियों के मारे जाने के झूठ ने सरकार की इज्जत पैंदे में बिठा दी। इसी के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश में मोदी को लेने के देने पड़ सकते हैं


who-will-be-next-pm-of-india-renowned-journalist-dr-ved-pratap-vaidik-opinion

अगले चुनाव की घोषणा हो चुकी है लेकिन असली सवाल यह है कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा ? 2014 के चुनाव के पहले शायद मैंने ही सबसे पहले यह लिखना और बोलना शुरु किया था कि भारत का अगला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होगा। सारे देश में घूम-घूमकर मैंने और बाबा रामदेव ने लाखों-करोड़ों लोगों को संबोधित किया।

मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करवाने के लिए मुझे संघ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी आग्रह करना पड़ा।

इस कारण कुछ वरिष्ठ मित्रों की अप्रियता भी मुझे झेलनी पड़ी लेकिन क्या अब 2019 में भी मैं वही चाहूंगा, जो मैं 2014 में चाहता था ? नहीं, बिल्कुल नहीं।

इसका कारण स्वयं मोदी ही हैं। जिन्हें जनता ने प्रधानमंत्री के पद पर बैठाया, वे कुल मिलाकर प्रचारमंत्री ही साबित हुए। उन्होंने अपने प्रचार के खातिर देश के करोड़ों-अरबों रु. खर्च कर दिए। विदेश-यात्राओं और विज्ञापनबाजी में अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों को मात कर दिया।

उन्होंने दर्जनों सराहनीय अभियान घोषित किए लेकिन सबके सब जुमलेबाजी बनकर रह गए। पार्टी के अन्य नेताओं और साधारण कार्यकर्ताओं को बुहारकर एक कोने में सरका दिया और नौकरशाहों के दम पर पांच साल काट दिए। देश के सच्चे नेता बनने की बजाय नौकरशाहों के नौकर बन गए। नौकरशाहों ने हां में हां मिलाई और आपको सर्वज्ञजी बना दिया।

नेता और जनता के बीच का दोतरफा संवाद शुरु ही नहीं हुआ। सिर्फ भाषण ही भाषण हुए। एक भी पत्रकार-परिषद नहीं हुई। एक दिन भी जनता दरबार नहीं लगा। भाजपा और संघ भी दरी के नीचे सरका दिए गए। वे स्वयं की सेवा करनेवाले ‘स्वयंसेवक’ बन गए। विचारधारा की जगह व्यक्तिधारा चल पड़ी। राम मंदिर को अदालत के मत्थे मढ़ दिया। कश्मीर और धारा  370 अधर में लटक गए।

नोटबंदी, जीएसटी, रफाल-सौदा जैसे अपूर्व काम सरकार ने हाथ में लिये जरुर लेकिन मंदबुद्धि, अनुभवहीनता और अहंकार के कारण उनके नतीजे भी उल्टे पड़ गए। अर्थव्यवस्था और रोजगार का मामला भी डांवाडोल है। किसानों, अनुसूचितों और गरीबों को अब चुनाव के डर के मारे कुछ राहत जरुर मिली है लेकिन कुछ पता नहीं कि वह वोटों में तब्दील होगी या नहीं ?

पुलवामा के बाद जैसा कि मेरा आग्रह रहा, आतंकवाद के गढ़ पर सीधा हमला हो, वह हुआ लेकिन 350 आतंकियों के मारे जाने के झूठ ने सरकार की इज्जत पैंदे में बिठा दी। इसी के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश में मोदी को लेने के देने पड़ सकते हैं।

हो सकता है कि भारत की भोली जनता इसी कागज की नाव पर सवार हो जाए। वह यदि हो जाए और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी पार्टी बनकर उभरे तो भी मोदी को चाहिए कि वह खुद को अपने ‘मार्गदर्शक मंडल’ में शामिल कर लें और प्रधानमंत्री की कमान अपने से कहीं अधिक योग्य नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह या सुषमा स्वराज के हाथों में सौंप दें।

advertisement

  • संबंधित खबरें